स्प्रिलुना-(सुपर फ़ूड): एक रामबाण औषधि सभी बीमारियों के लिए

स्प्रिलुना: सुपर फ़ूड  स्प्रिलुना यानि कि Arthro spira platensis , एक नील हरित शैवाल है जो पानी के अंदर गहरा हरा नीला देखा जा सकता है. इसकी उत्पत्ति झीलों, झरनों और खारे पानी में होती है.ये एक ऐसी वनस्पति है जिसमे खाद्य पदार्थो से भी ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा इस शैवाल में कई प्रकार के विटामिन्स, खनिज, प्रोटीन, मैग्नीशियम,कैल्शियम, सेलेनियम और जिंक भी भरपूर होता है. हम मनुष्यों की जीवन शैली में इससे एक सुपर फ़ूड क रूप में भी जाना सकता है. मेडिकल साइंस में दवाओं में इसका प्रयोग हो...
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किसान भाई चिंतित न हों, बुरे समय के बाद हमेशा अच्छा समय आता है, जब तक हम अपने घरों में बंद रहेंगे, तब तक हम पढ़ सकते हैं कि कैसे सफल खेती की जाए

farming
किसान भाई चिंतित न हों, बुरे समय के बाद हमेशा अच्छा समय आता है, जब तक हम अपने घरों में बंद रहेंगे, तब तक हम पढ़ सकते हैं कि कैसे सफल खेती की जाए लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत मोदी सरकार ने पिछले 11 दिन में अन्नदाताओं को 17,400 करोड़ रुपये की मदद दी है. डायरेक्ट बेनिफट ट्रांसफर के जरिए 8.7 करोड़ लोगों को 2-2 हजार रुपये मिले पैसा न मिले तो क्या करें अगर आपको पहले सप्ताह में पैसा न मिले तो अपने लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें. वहां से बात न बन...
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कोरोना वायरस का संकट : गरीब वर्ग पर प्रभाव: सरकार की ओर से आर्थिक सहायता :

कोरोना लॉकडाउन के चलते प्रधानमंत्री योजना के तहत किसानों को आर्थिक राहत :   कोरोना वायरस का संकट : गरीब वर्ग पर प्रभाव आज कोरोना वायरस के संक्रमण के संकट से पूरा विश्व जूझ रहा है. ऐसी परिस्थिति में सबसे ज्यादा असर गरीब वर्ग पर पड़ रहा है. इस संकट का गरीबों और किसानों पर ज्यादा असर न पड़े इसके लिए सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है. सरकार की ओर से आर्थिक सहायता : कोरोना वायरस के चलते किसानों को आर्थिक मदद मुहैया करा के उनकी समस्या कम करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है. हमारे ४.५ करोड़...
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कोरोना प्रभाव : भारत की कृषि व्यवस्था पर कोरोना नाम के घातक वायरस का प्रभाव

Corona
कोरोना वायरस : एक जानलेवा वायरस  हम सभी जानते हैं कि कृषि और उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था के आधार हैं। पर इन दिनों भारत कि अर्थव्यवस्था पर कोरोना नाम का सर्प घात लगाए बैठा है। आइये सबसे पहले जाने कि क्या है कोरोना वायरस? क्या है कोरोना वायरस? कोरोना वायरस एक ऐसा घातक और जानलेवा वायरस है जिसका संक्रमण होने पर जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। डब्लूएचओ के अनुसार, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। सबसे ज्यादा चिंतनीय बात ये है कि अब तक इस वायरस को फ...
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औषधीय खेती- नींबू घास (लेमन घास-LEMON GRASS) की खेती कैसे करें?

LemonGrass
औषधीय खेती  - नींबू घास  (लेमन घास-LEMON GRASS) की खेती कैसे करें साधारण नाम- नींबू घास, लेमन घास वानस्पतिक नाम- सिम्बोपोगोन फ्लेक्सुओसस, सिम्बोपोगोन पेन्डुलस एवं सिम्बोपोगोन खैसिएनस उन्नत किस्में- सिम- सिखर, कृष्णा, चिरहरित, कावेरी एवं सिम- स्वर्णा। प्रमुख रासायनिक घटक- सिट्राल प्रमुख घटक होता है। नींबू घास पौध परिचय- यह बहुवर्षीय एवं बार- बार काटी जाने वाली घास है। पत्तियों से महत्वपूर्ण तेल प्राप्त होता है। अगर फसल काटने में देरी हो जाय तो फूल भी निकल आते हैं। फूलों में ते...
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मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना २०२०: किसानों की आत्मनिर्भरता और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक प्रयास

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना २०२०: किसानों की आत्मनिर्भरता और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक प्रयास:   अक्षय ऊर्जा : सौर ऊर्जा हम सभी जानते हैं की पढाई लिखाई के अभाव में किसान कई ऐसी चीजों और तकनीकों से अनभिज्ञ रह जाते हैं जो उनके कृषि कार्य को कम समय में ज्यादा कुशलता से संपन्न करा सकें. इन्हीं तकनीकों में से एक तकनीक है सौर ऊर्जा . सौर ऊर्जा का प्रयोग करने से ना केवल किसान बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा. सौर ऊर्जा के लिए सरकार द्व...
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रामनगर में किसानश्री सम्मान: सम्मान, किसानों के उत्साह-वर्धन के लिए

किसानश्री सम्मान: सम्मान, किसानों के उत्साह-वर्धन के लिए:   किन किसानों को मिलेगा ये सम्मान?: रामनगर में ,कृषि कार्य में अच्छा प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित करके उनका उत्साहवर्धन करने के लिए ये पुरस्कार सोचा गया हे. इस पुरस्कार कार्यक्रम २०१९-२० के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले किसानों से आवेदन लेने का काम किया जा रहा है। क्या करें किसान इस पुरस्कार का लाभ उठाने हेतु : आवेदन प्रक्रिया इस पुरस्कार का लाभ उठाने के लिए किसानों को समय सीमा के अंदर आवेदन करना होगा. अध...
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गेहूं की अधिकतम पैदावार प्राप्त करने के लिए निम्न बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए |

wheat
  गेहूं की अधिकतम पैदावार प्राप्त करने के लिए निम्न बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिएः   - उन्नतशील प्रजातियों का चयन क्षेत्रानुसार परिस्थिति विशेष हेतु संस्तुत प्रजातियों का चुनाव करे ।  अपने प्रक्षेत्र पर 2-3 प्रजातियों की बुवाई करें ताकि रोग एवं कीटों के प्रकोप होने पर उपज में कमी न्यूनतम हो। भूमि की तैयारीः- बुवाई के समय खेत में खरपतवार एवं ढेले न हो तथा पर्याप्त नमी होनी चाहिए। अतः खेत में नमी की कमी हो तो जुताई से पूर्व पलेवा करे । खेत में ओट 1⁄4जब आसानी से जुताई की जा सके...
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औषधीय कृषि- भुई आंवला (हजारदाना)की खेती कैसे करें।

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साधारण नाम- हजारदाना वानस्पतिक नाम- फाइलेंथस एमरस उपयोग- सम्पूर्ण पौधे ( पंचांग ) का उपयोग परम्परागत रूप से पीलिया तथा अन्य बीमारियों में होता है। लोक औषधि में इसका प्रयोग गुर्दा रोग, मूत्ररोग, आंत सम्बन्धी बीमारियां, शर्करा तथा यकृत रोगों में होता है। फाइलेंन्थीन तथा हाइपोफाइलेंथीन इसके जैव सक्रिय यौगिक है। पौध परिचय- यह एक बहुवर्षीय पौधा है इसका तना सीधा तथा 10 से 60 सेमी होती है। इसमें आजीवन पुष्प निकलते हैं। जलवायु- इसके पौधे भारत में 700 मी. की ऊंचाई तक के क्षेत्रों में बहुतायत मे...
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औषधीय कृषि – एकोरस ( वच -sweet flag-Vacha) की खेती कैसे करें।

एकोरस ( वच -sweet flag)
औषधीय कृषि -  एकोरस ( वच ) की खेती कैसे करें। साधारण नाम- वच वानस्पतिक नाम- एकोरस कैलेमस। उपयोग- भूस्त्रीय तने ( राइजोम ) का प्रयोग पारम्परिक रूप से तिक्त पाचक, पेट दर्द निवारक व अन्य बहुत सी बीमारियों में किया जाता हैं। पौध परिचय- सामान्यतया इसकी खेती दलदली, अर्ध जलप्लावित भूमि में बहुवर्षीय फसल के रूप में की जाती है जिसका भूस्त्रीय तना जमीन में फैलता रहता है। हिमालयी क्षेत्रों 2200 मीटर ऊंचाई तक व सम्पूर्ण भारत में इसके पौधे प्राकृतिक अवस्था में पाए जाते है। जलवायु- शीतोष्ण एवं समशीतोष्ण जलवाय...
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