मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना २०२०: किसानों की आत्मनिर्भरता और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक प्रयास

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना २०२०:

किसानों की आत्मनिर्भरता और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक प्रयास:

 

अक्षय ऊर्जा : सौर ऊर्जा
हम सभी जानते हैं की पढाई लिखाई के अभाव में किसान कई ऐसी चीजों और तकनीकों से अनभिज्ञ रह जाते हैं जो उनके कृषि कार्य को कम समय में ज्यादा कुशलता से संपन्न करा सकें. इन्हीं तकनीकों में से एक तकनीक है सौर ऊर्जा .
सौर ऊर्जा का प्रयोग करने से ना केवल किसान बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा.

सौर ऊर्जा के लिए सरकार द्वारा उठाये गए कदम :
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कुसुम योजना चला रही है और हमारी राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप मुहैया कराने हेतु कई योजनाएं चला रही है.

क्या कर रही है उत्तर प्रदेश सरकार इस परिपेक्ष्य में :
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को २, ३ और ५ हार्सपावर वाले सोलर पंप दे रही है। २ और ३ हार्सपावर वाले सोलर पंपों पर ७५% प्रतिशत और 5 हार्सपावर वाले सोलर पंप पर ५०% अनुदान दिया जा रहा है। सरकार के प्रयास निसंदेह सफल भी हो रहे हैं क्यूंकि किसान इसकी तरफ अपनी रूचि दिखा रहा है.
कृषि में सोलर पंप के प्रयोग को लेकर किसानों की रूचि को देखते हुए प्रदेश के कृषि विभाग ने भारत सरकार से अधिक संख्या में सोलर पंप मुहैया करने की मांग की है।

क्या करना होगा किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए : पंजीकरण एवेम सत्यापन प्रक्रिया :
पहले पंजीकरण कराओ, पहले लाभ पाओ के सिद्धान्त के अनुसार किसानों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. इस विकल्प के साथ कि कितने हार्स पावर का पंप उसे चाहिए. पंजीकरण के बाद किसानों कि सूची तैयार कि जाएगी. इस प्रक्रिया के बाद इस बात का सत्यापन होगा कि दो हार्स पावर के सोलर पम्प के लिए पंजीकृत किसान के पास चार इंच और तीन व पांच हार्स पावर सोलर पंप के लिए छह इंच क्रियाशील बोरिंग उपलब्ध है या नहीं.

किसान इस प्रक्रिया में भाग लेकर सोलर पंप का लाभ उठाएं . सोलर पंप के प्रयोग से उन्हें अपने खेत में सिंचाई करने में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

 

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