प्याज़ की स्थिति की विवेचना ::२०१९ और अब २०२०

प्याज ने किया २०१९ में परेशान:
प्याज की कीमत में भारी उछाल के कारण २०१९ में आम आदमी काफी परेशान रहा. केवल आम आदमी ही नहीं बल्कि सरकार को भी काफी संघर्षो से जूझना पड़ा. देश के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ के कारण प्याज़ कि कीमत १५० रुपये प्रति किलो के पार चली गई. वर्तमान समय में भी कई स्थानों में प्याज़ काफी महंगा है. एक सूचना क अनुसार २०१९ में सरकार ने ५६००० टन प्याज का बफर स्टॉक रखा था इसके बावजूद स्टॉक पूरा नहीं पढ़ा. यही कारण है कि सरकार को एमएमटीसी के जरिए विदेशों से प्याज मंगाना पढ़ा.
ऐसा नहीं था कि सरकार ने अपनी तरफ से कोई प्रयास नहीं किया. सरकार ने निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया.

प्याज  के निर्यात पर पाबंदी
व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा तय की गयीOnion2


सस्ती दरों पर प्याज को बफर स्टॉक से बेचा गया

उपरोक्त प्रयासों के बावजूद प्याज़ की कीमतों में नियंत्रण नहीं लग पाया. बफर स्टॉक भी अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अब बाजार में केवल आयातित प्याज ही बेचा जा रहा है।

नए साल २०२० के लिए प्रयास:

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२०१९ में प्याज की कीमतों में उछाल का कारण खरीफ की फसल का कम होना था और उसके बाद देर से आए मानसून और बारिश ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल को बर्बाद कर दिया।
२०१९ को देखते हुए और सबक लेते हुए सरकार ने नया फैसला लिया है. नए साल २०२० में केंद्र सरकार प्याज का एक लाख टन का बफर स्टॉक तैयार करेगी. इसके लिए केंद्र सरकार ने नेफेड को यह बफर स्टॉक तैयार करने की जिम्मेदारी दे दी है। नेफेड रबी की फसल आने के बाद सीधे किसानों से मार्च से जुलाई के बीच प्याज को खरीदेगा।
उम्मीद है नए साल में सरकार को प्याज की कीमतों पर नियंत्रण करने में सहायता मिलेगी और आम आदमी को पिछले साल की तरह समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा.

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