औषधीय कृषि- भुई आंवला (हजारदाना)की खेती कैसे करें।

bhuiAmla
साधारण नाम- हजारदाना वानस्पतिक नाम- फाइलेंथस एमरस उपयोग- सम्पूर्ण पौधे ( पंचांग ) का उपयोग परम्परागत रूप से पीलिया तथा अन्य बीमारियों में होता है। लोक औषधि में इसका प्रयोग गुर्दा रोग, मूत्ररोग, आंत सम्बन्धी बीमारियां, शर्करा तथा यकृत रोगों में होता है। फाइलेंन्थीन तथा हाइपोफाइलेंथीन इसके जैव सक्रिय यौगिक है। पौध परिचय- यह एक बहुवर्षीय पौधा है इसका तना सीधा तथा 10 से 60 सेमी होती है। इसमें आजीवन पुष्प निकलते हैं। जलवायु- इसके पौधे भारत में 700 मी. की ऊंचाई तक के क्षेत्रों में बहुतायत मे...
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औषधीय कृषि – एकोरस ( वच -sweet flag-Vacha) की खेती कैसे करें।

एकोरस ( वच -sweet flag)
औषधीय कृषि -  एकोरस ( वच ) की खेती कैसे करें। साधारण नाम- वच वानस्पतिक नाम- एकोरस कैलेमस। उपयोग- भूस्त्रीय तने ( राइजोम ) का प्रयोग पारम्परिक रूप से तिक्त पाचक, पेट दर्द निवारक व अन्य बहुत सी बीमारियों में किया जाता हैं। पौध परिचय- सामान्यतया इसकी खेती दलदली, अर्ध जलप्लावित भूमि में बहुवर्षीय फसल के रूप में की जाती है जिसका भूस्त्रीय तना जमीन में फैलता रहता है। हिमालयी क्षेत्रों 2200 मीटर ऊंचाई तक व सम्पूर्ण भारत में इसके पौधे प्राकृतिक अवस्था में पाए जाते है। जलवायु- शीतोष्ण एव...
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भारत में खेत नापने के लिए प्रयोग होने वाले मात्रक अथ्वा खेती के नाप|

खेती के नाप
खेती के नाप भारत में प्रयोग होने वाले खेती के नाप भारत के अधिकांश भागो में खेती के नाप के लिए गज, हाथ,गट्ठा, जरीब, बिस्‍सा, बिस्‍वॉनसी, उनवांनसी, कचवानसी,बीधा, किल्‍ला, एकड, हेक्‍टेअर, मरला, कनाल आदि मात्रकों का प्रयोग होता हैं। अगर इतिहास में झांके तो अकबर के शासनकाल के 1571 ई. से 1580 ई. (10 वर्षों) के आंकड़ों के आधार पर भू-राजस्व का औसत निकालकर ‘आइन-ए-दहसाला’ लागू किया गया। इस प्रणाली के अन्तर्गत राजा टोडरमल ने अलग-अलग फ़सलों पर नक़द के रूप में वसूल किये जाने वाला लगान का 1571 से...
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केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट (Vermicompost) क्या है ? जाने वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधि!

वर्मीकम्पोस्ट
केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट बनाने की विधि केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट (Vermicompost) पोषण पदार्थों से भरपूर एक उत्तम जैव उर्वरक है।   केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट बनाने की सामान्य विधि केंचुआ खाद या वर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए इस विधि में क्षेत्र का आकार (area) आवश्यकतानुसार रखा जाता है किन्तु मध्यम वर्ग के किसानों के लिए 100 वर्गमीटर क्षेत्र पर्याप्त रहता है। अच्छी गुणवत्ता की केंचुआ खाद बनाने के लिए सीमेन्ट तथा इटों से पक्की क्यारियां (Vermi-beds) बनाई जाती हैं। प्रत्येक क्यारी की लम्...
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फसलों में रोगों की रोकथाम हेतु बायोएजेन्ट (जैव अभिकर्ता)|

फसलों में रोगों की रोकथाम
फसलों में रोगों की रोकथाम फसलों में  रोगों,कीटों व खरतावारों से अत्यधिक क्षति होने के कारण वर्तमान में किसान अनियंत्रित ढंग से कृषि रासायनों का प्रयोग कर रहे है। कृषि रसायनों के अनियंत्रित प्रयोग के अप्रत्यक्ष दुष्परिणाम है, जैसे कीट व्याधियों का कृषि रासायनों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता, प्राकृतिक शत्रुओं का विनाश, मनुष्य व पशुओं में स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या, पर्यावरण प्रदूषण इत्यादि है। उपलब्ध भूमि पर उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यकता होती है एक प्रभावशाली सुरक्षा प्रणाली की, जोकि निम्न लागत, टिका...
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What are genetically modified crops & their food safety?

Genetically Modified Crops(source-https://www.slideshare.net)
G.M. crops stand for Genetically Modified crops, derived from or produced by GM organisms have been altered through genetic, does not include forms of genetic modification such as selective breeding and mutation breeding. They are modified by taking a gene from another cell type and adapting it into the GM organism DNA, also known as the recombinant method or genetic engineering. GE crops are produced using laboratory techniques where genetic material from the cells of one species is transfer...
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